राजस्थान शिक्षा बोर्ड डॉक्यूमेंट करेक्शन नियमों में बदलाव.
अजमेर
राजस्थान माध्यमिक शिक्षा बोर्ड ने 10वीं और 12वीं की मार्कशीट व प्रमाण-पत्रों में नाम, माता-पिता के नाम और जन्मतिथि में संशोधन के नियमों को सरल कर दिया है। अब परीक्षा परिणाम घोषित होने के एक साल के भीतर ही विद्यार्थी इन जानकारियों में सुधार के लिए आवेदन कर सकेंगे। नाम, उपनाम और स्पेलिंग संबंधी संशोधन भी इसी अवधि में विचारणीय होंगे। इस संबंध में बोर्ड ने आदेश जारी कर दिए।बोर्ड ने 26 फरवरी 2021 और 6 सितंबर 2023 के पूर्व आदेश निरस्त कर दिए हैं। नया आदेश तत्काल प्रभाव से लागू हो गया है। नए नियम के तहत परीक्षा परिणाम जारी होने के एक साल बाद जन्मतिथि या नाम में किसी भी प्रकार का संशोधन स्वीकार नहीं किया जाएगा। संशोधन केवल स्कूल के मूल स्कॉलर रजिस्टर), प्रवेश आवेदन पत्र और ट्रांसफर सर्टिफिकेट के आधार पर ही किया जाएगा। जन्मतिथि में सुधार के लिए ये तीनों दस्तावेज अनिवार्य होंगे, जबकि आधार कार्ड और जन्म प्रमाण-पत्र को केवल सहायक दस्तावेज माना जाएगा।
ये बदलाव किए
प्रत्येक गलती के सुधार पर 300 रुपए प्रति परीक्षा शुल्क देना होगा।
आवेदक को इंडेम्निटी बॉन्ड देना होगा कि वह भविष्य में कोई दावा प्रस्तुत नहीं करेगा।
माता या पिता के नाम में बदलाव होने पर मार्कशीट पर 'चेंज इन कैंडिडेट्स मदर्स/फादर्स नेम फ्रॉम... टू...' कैप्शन और आरबीएसई का डिस्क्लेमर अंकित किया जाएगा।
नाम पूरी तरह बदलने के मामलों में कोर्ट का आदेश व रिजल्ट से पहले सरकारी राजपत्र में प्रकाशित अधिसूचना अनिवार्य होगी।
अध्यक्ष नहीं हैं इसलिए समिति बनाकर लिया फैसला
बोर्ड में वर्तमान में न अध्यक्ष है और न ही प्रबंध मंडल। सामान्यतः ऐसे नीतिगत निर्णय प्रबंध मंडल स्तर पर लिए जाते हैं। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए बोर्ड सचिव ने करीब 1 माह पहले समिति बनाई। सभी सदस्यों के हस्ताक्षर के बाद आदेश जारी किया गया। नए नियमों में विलंब शुल्क का प्रावधान पूरी तरह समाप्त कर दिया गया है।

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